बृज श्रृंखलाराधा कृष्ण

प्रेम और भक्ति की कालजयी अभिव्यक्ति।

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BJK02भक्ति के फूल

एक कथा। अनेक भाव।

कलाकृति क्रमांकBJK01

यमुना के संग एक पल

सजी हुई नाव में साथ बैठे राधा और कृष्ण, चारों ओर कमल, मोर और तट के मंदिर। रंगों का कोमल स्पर्श बारीक उभरी हुई नक्काशी में आत्मीयता भरता है।

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कलाकृति क्रमांकBJK02

भक्ति के फूल

नदी किनारे फूलों से सजे उत्सव में कृष्ण बाँसुरी बजा रहे हैं। पुष्पमालाएँ, बिखरी पंखुड़ियाँ और परिधानों की महीन नक्काशी इस दृश्य को जीवंत बनाती है।

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कलाकृति क्रमांकBJK03

आशीर्वाद की पुष्पवर्षा

एक पतली नाव पर नृत्य करते राधा और कृष्ण, ऊपर बादलों से बरसते फूल। बादलों पर विराजमान देवी-देवता, कमल और दूर के मंदिर इस आनंदमय भक्ति दृश्य को पूरा करते हैं।

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कलाकृति क्रमांकBJK04

लहरों पर संगीत

सजी हुई नाव पर सखियों के साथ बाँसुरी बजाते कृष्ण और राधा की कई युगल आकृतियाँ दिखाई देती हैं। नक्काशीदार छतरी, लटकती मालाएँ और मोर के आकार के छोर इस दृश्य को गति और संगीत का भाव देते हैं।

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